This soulful Punjabi melody weaves folk rhythms with haunting vocals, stirring emotions of longing and sorrow. It explores themes of innocence lost and unrequited affection, perfect for quiet evenings of reflection or emotional healing sessions.
Ik Kudi - Song Lyrics
इक कुड़ी जिहदा नाम मोहब्बत
ग्रुप में पीछे-पीछे खड़ी है
चश्मिश लग सकती नकचढ़ी है
हुडी इसकी दो साइज़ेस बड़ी है
मुझे मालूम मुझसे चोरी की है
दुनिया से थोड़ी खफ़ा है
कोई दो दिन का नहीं मामला है
बुनियादी कांटा
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कोई फसा है
मैं बिछा दूँ माला
फूलों की तेरे क़दमों में
पर तूने आशिक जो चुना है
वो भी मझधारों में ही गिरा है
शेड्यूल में हल्की सी जगह है
मेरे लिए बंक कर ले थोड़ी क्लासेँ
प्रॉप-जैसे पोज़ेस में मुझे खड़ा कर
फोटो में मुझको प्रॉप बना दे
सेल्फी ले, वॉलपेपर बना ले
गुस्सा ना हो, आजा मना लूँ
तू मेरा नशा है, तू मेरा मनाली
मैं फस गया काले जादू में
लगता तू निकला कोई बंगाली
फसा मैं जबकि लगता था फसा ली
हो शिकार जो कैसा वो शिकारी?
(शिकारी, शिकारी, शिकारी)
कलेजा चाशनी और भेजा फुल फ़्राई
I don't know how, i don't know why
I just witnessed divine feminine
इक कुड़ी जिहदा नाम मोहब्बत
गुम है, गुम है
मैं जलता तेरे डोव के साबुन से
है नहाती क्यों तू घंटों-भर?
कभी तोह देख ख़ुद को मेरी नज़रों से
वो कहती, "जा के बदलो चश्मे तुम"
अब मैं क्या बोलू? हूं मैं नासमझ
और हो समझ के तुम परे
रहता गुस्सा और ये नाक पे
तू जादू, है कौन मिल गया मुझे
जो दे रहा मुझको धूप यून?
What do, what do i do?
Tu silver lining on my cloud nine
चाहिए बस तू, वो तेरी ना वाइब
You're my california dream
In my new york city skyline, oh, so fine
So mess it up, and waste my time
Don't pick my call, you'll make a grown man cry
हू! हू-हू!
मेरी, मेरी (मेरी, मेरी, मेरी) तू है (तू है, तू है)
हूं तोह मैं भी थोड़ा तेरा (तेरा, तेरा, तेरा)
कलेजा चाशनी और भेजा फुल फ्राई (तेरा, तेरा, तेरा)
I don't know how, i do know why
I just witnessed divine feminine (fuck!)
इक कुड़ी (मेरी) जिहदा नाम मोहब्बत
गुम है, गुम है (तेरा)
गुम है (मेरी), गुम है (गुम है)
(गुम है) गुम है, (गुम है) गुम है
मैं भी, मैं भी थोड़ा-थोड़ा बुरा तोह